गरमी / Summer और आयुर्वेद भाग २

ग्रीष्म ऋतु में खानपान की व्यवस्था ग्रीष्म ऋतु में किये जाने वाले खानपान में ऐसे ही पदार्थो का सेवन करना चाहिए जिनसे शरीर में स्निग्धता और शीतलता आ जाये। ग्रीष्म ऋतु में शरीर में जलीय अंश का संतुलन रखने वाले मीठे, हलके, द्रव, सुपाच्य, ताजे, स्निग्ध, रसयुक्त और शीत गुणयुक्त पदार्थों का सेवन करना चाहिए। अतः ग्रीष्म ऋतु में साठी के पुराने चावल, गेहूँ, दूध, मक्खन,…

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गरमी / Summer और आयुर्वेद भाग १

गरमी / Summer और आयुर्वेद भाग १ हमारे भारत वर्ष का अधिक काल गरमी वाला होता है परन्तु ग्रीष्म ऋतु तो सालभर में से जादा गरम रहनेवाला काल है इसीलिए इसे ग्रीष्म ऋतु कहा जाता है। इस ऋतु में गरमी  क्यों होती है इस बारे में आयुर्वेद में कहता है की ग्रीष्म ऋतु में सूर्य (पृथ्वी के पास आ जाने के कारण) तीखी किरणों वाला हो जाता है, नैऋत्य दिशा…

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